बिहार में जमीन का दाम अब बहुत महंगा होने वाला है। सरकार सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी में है। जानिए नया नियम कब लागू होगा, जमीन की रजिस्ट्री कितनी महंगी होगी और आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
बिहार में जमीन खरीदने या बेचने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। आने वाले समय में बिहार में जमीन का दाम बहुत महंगा होने वाला है। वजह है राज्य सरकार द्वारा जमीन के सर्किल रेट (Circle Rate / Minimum Value Rate – MVR) को बढ़ाने की तैयारी।
करीब 10 साल बाद सरकार जमीन की सरकारी दरों को नए सिरे से तय करने जा रही है। अभी जो सर्किल रेट लागू है, वह बहुत पुराना है, जबकि बाजार में जमीन की कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। इसी अंतर को खत्म करने के लिए सरकार नया सर्किल रेट लागू करने पर काम कर रही है।
अगर यह फैसला लागू होता है तो:
- जमीन की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी
- स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ेगी
- आम आदमी, किसान और निवेशक सभी प्रभावित होंगे
इस खबर में हम आसान भाषा में समझेंगे कि बिहार में जमीन का दाम क्यों बढ़ेगा, कब से बढ़ेगा और इसका असर किस पर कितना पड़ेगा।
सर्किल रेट क्या होता है? (Simple Explanation)
सर्किल रेट वह न्यूनतम कीमत होती है, जिस पर सरकार जमीन या मकान की रजिस्ट्री मानती है।
सरल शब्दों में:
- सरकार तय करती है कि
- किसी इलाके में जमीन या मकान की कीमत
- इससे कम नहीं मानी जाएगी
चाहे आप जमीन सस्ते में खरीदें या महंगे में,
रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी सर्किल रेट के हिसाब से ही लगेगी।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए:
- बाजार में जमीन की कीमत = ₹20 लाख
- सर्किल रेट = ₹10 लाख
तो:
- रजिस्ट्री ₹10 लाख पर होगी
- स्टांप ड्यूटी भी ₹10 लाख पर लगेगी
लेकिन अगर:
- सर्किल रेट बढ़कर ₹18 लाख हो गया
तो:
- रजिस्ट्री ₹18 लाख पर
- टैक्स और शुल्क भी ज्यादा देना पड़ेगा
यही वजह है कि सर्किल रेट बढ़ने से जमीन महंगी हो जाती है।
बिहार में जमीन का दाम अचानक क्यों बढ़ रहा है?
1️⃣ सरकारी रेट बहुत पुराने हैं
बिहार में अधिकतर इलाकों में:
- सर्किल रेट 2013–2016 के बीच तय हुए थे
- तब से अब तक:
- सड़कें बनीं
- शहर फैले
- नई कॉलोनियां विकसित हुईं
- जमीन की कीमत 2 से 5 गुना तक बढ़ गई
लेकिन सरकारी रेट वही पुराने हैं।
2️⃣ बाजार भाव और सर्किल रेट में बड़ा अंतर
आज की स्थिति यह है कि:
- जमीन का बाजार भाव बहुत ज्यादा है
- लेकिन सरकारी रेट बहुत कम
इससे:
- रजिस्ट्री कम दाम पर होती है
- सरकार को कम राजस्व मिलता है
3️⃣ सरकार की आमदनी बढ़ाने की जरूरत
बिहार सरकार की बड़ी आमदनी आती है:
- स्टांप ड्यूटी
- रजिस्ट्रेशन फीस
- जमीन से जुड़े टैक्स
👉 सर्किल रेट बढ़ने से:
- सरकार की आमदनी बढ़ेगी
4️⃣ काले धन पर रोक लगाने की कोशिश
कम सर्किल रेट होने से:
- रजिस्ट्री कम दाम पर
- बाकी पैसा नकद में
- यानी काले धन के रूप में
लेन-देन होता है। नया सर्किल रेट इस समस्या को कम कर सकता है।
क्या सरकार ने फैसला ले लिया है?
👉 अभी की स्थिति क्या है?
✔ जिला स्तर पर मूल्यांकन समितियाँ बनाई गई हैं
✔ जमीन के बाजार भाव की रिपोर्ट मांगी गई है
✔ शहरी और ग्रामीण इलाकों का अलग-अलग अध्ययन हो रहा है
लेकिन अभी तक:
- कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई
- कोई तारीख आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई
नया सर्किल रेट कब से लागू होगा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:
- नया सर्किल रेट 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में
- लागू किया जा सकता है
संभावना जताई जा रही है कि:
- जनवरी 2026 या
- नए वित्तीय वर्ष (अप्रैल) से
नया रेट लागू हो सकता है।
कितनी महंगी हो जाएगी जमीन?
🔹 ग्रामीण इलाके
- 20% से 50% तक बढ़ोतरी संभव
🔹 शहर और नगर निगम क्षेत्र
- 50% से 200% तक
- कुछ प्राइम इलाकों में 3–4 गुना तक बढ़ोतरी की चर्चा
पटना और बड़े शहरों में क्या होगा?
पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा जैसे शहरों में:
- जमीन के बाजार भाव बहुत ज्यादा हैं
- लेकिन सर्किल रेट अभी भी कम है
👉 इन शहरों में:
- रजिस्ट्री सबसे ज्यादा महंगी हो सकती है
जमीन की रजिस्ट्री कितनी महंगी होगी?
मान लीजिए:
- अभी सर्किल रेट = ₹10 लाख
- स्टांप + रजिस्ट्रेशन = लगभग 7%
👉 खर्च = ₹70,000
अगर:
- नया सर्किल रेट = ₹15 लाख
👉 खर्च = ₹1,05,000
यानी सीधे ₹35,000 ज्यादा।
किसानों पर क्या असर पड़ेगा?
फायदे
✔ जमीन का सरकारी मूल्य बढ़ेगा
✔ अधिग्रहण में मुआवजा ज्यादा मिलेगा
नुकसान
❌ जमीन बेचने पर टैक्स ज्यादा
❌ पारिवारिक रजिस्ट्री महंगी
🏘️ आम आदमी पर क्या असर होगा?
❌ नुकसान
- घर और प्लॉट खरीदना महंगा
- रजिस्ट्री खर्च बढ़ेगा
✅ फायदा
- जमीन की सही कीमत सरकारी रिकॉर्ड में आएगी
- बैंक लोन लेने में सुविधा होगी
🏦 बैंक और लोन पर असर
सर्किल रेट बढ़ने से:
- बैंक जमीन की ज्यादा वैल्यू मानेंगे
- होम लोन और लैंड लोन आसान
- लोन की राशि बढ़ सकती है
अभी जमीन खरीदने वालों को क्या करना चाहिए?
👉 अगर खरीदने का प्लान है:
- सर्किल रेट बढ़ने से पहले रजिस्ट्री कराना सस्ता
- दस्तावेज सही करवा लें
👉 अगर निवेशक हैं:
- भविष्य में जमीन के दाम और बढ़ सकते हैं
- लेकिन रजिस्ट्री खर्च भी ज्यादा होगा
बिहार में जमीन का दाम अब सस्ता नहीं रहने वाला। सरकार सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी में है और इसके लागू होते ही जमीन की रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और कुल लागत बढ़ जाएगी।
हालांकि यह कदम:
- सरकारी राजस्व बढ़ाने
- जमीन के सही मूल्यांकन
- पारदर्शिता लाने
के लिए जरूरी माना जा रहा है, लेकिन इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
✍️ लेखक
Advocate Mohan Kumar
